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कुत्तों का झुंड ने किया नीलगाय का शिकार ,मानो अंदर से चीख ने की आवाज¡ जंगल के ठेकेदार,कहां है वह हथियार जिससे हरे पेड़ काटे गए,उस हथियार से मेरी भी रक्षा करो-रक्षा करो

सूखा जंगल चीखता, खूब मचाए शोर,पेड़ों को मत काटिए, सूखा जल सब ओर

न्यूज़दर्शन@चांदो/बलरामपुर। पानी-पानी सब करें, सूखी नदियां-ताल,मरती चिड़िया कर गई, मुझसे कई सवाल।मटका सिर पर लादकर, कर पानी की आस,चार कोस पैदल चलें, पानी करें तलाश।झुलसी धरती ताप से, जीव-जंतु बेहाल,तन-मन व्याकुल प्यास से, जीना हुआ मुहाल।

पहली बार बलरामपुर जिला पहुंचे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका उन्होंने जिले वासियों को संदेश देते हुए एक पौधा लगाया और सिंचित किया साथी उन्होंने कहा सभी को अपने आसपास पेड़ पौधे लगाने चाहिए। इसका साफ संदेश यही है कि आने वाले समय में पेड़ पौधे का क्या महत्व होगा यह भली भांति लोग जानते हैं।

परंतु बलरामपुर जिले में धड़ल्ले से अवैध जंगल की कटाई चल रहा है रोकने का नाम ही नहीं ले रहा बेखौफ बिना डरे जंगल काटे जा रहे हैं जमीन की लालच में अपना भविष्य खतरे में डाल रहे हैं इसका जीता जागता उदाहरण है आवारा कुत्तों के झुंड ने एक नीलगाय को घेर कर अपने नुकीले जबड़े से ऐसे नोचा की नीलगाय मानो अंदर से चीख यही कह रहा हो कहां हो की जैसे पश्चिमी सभ्यता अपना कर अपने आप को नंगा कर रहे हैं वैसे ही सो जंगल को काटकर हमारी इस भरी भरी धरती को नंगा कर रहे हैं जीने दो हमें जीने दो जंगल के ठेकेदार कहा हैं कहां है वह औजार जिससे हरे-भरे पेड़ों को काटा जाता है इस औजार से मेरी रक्षा करो इन आवारा कुत्तों से मुझे बचाओ, जिस जंगल में कभी जंगली जानवरों का राज होता था वहां आज आवारा कुत्तों का राज है।

मामला है बलरामपुर जिले के वन परिक्षेत्र चांदो बीट संख्या 3292 ग्राम पंचायत सुखरी में स्थित प्रतिवन्धित जंगल जहां पर एक नीलगाय को आवारा कुत्ते के झुंड ने घेर कर मार डाला नीलगाय के साथ दो सावक (बच्चा) और था जो चलांग लगाकर जाली के घेरा पार कर लिया जिससे जान बचा पाया। यह पूरी घटना एक ग्रामीण ने देखा परंतु कुत्ते के झुंड से नीलगाय को बचाने में असफल रहा।

चांदो के वन परिक्षेत्र अधिकारी अमूल रतन राय ने बताया कि आवारा कुत्तों के झूलने एक नीलगाय को नोच कर लहू लुहान मार डाला ग्रामीण में बताया कि मैं बचाने का प्रयास किया पर मैं ना काम रहा क्योंकि कुत्तों के झुंड मुझ पर धावा कर रहा था। मैं जान बचाकर भागा।

वन कर्मियों नेअपना फर्ज निभाया, किया नीलगाय का अंतिम संस्कार ।

सवाल यह है बड़े पैमाने पर जंगल का कटाई के कारण जंगली जानवर अब अपना जान बचाने में नाकाम है जो आवारा कुत्ते गांव के गली मोहल्ले में घूमा करता था वह अब नाम मात्र का बचे जंगल की ओर जाकर जानवरों का शिकार करना शुरू कर दिया है। इसका दोषी कौन है आप खुद तय करें।

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