
न्यूज़ दर्शन@रायपुर। छत्तीसगढ़ में 7 साल बाद सीडी कांड केस में सुनवाई हो रही है इस मामला में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विनोद वर्मा सहित कई आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है और सीबीआई ने पहले ही कोर्ट में अपना पक्ष रख दिया है ।
और सीडी कांड के आरोपियों का पक्ष वकील रखेंगे और इन आरोपियों की आज कोर्ट में पैसे है यह मामला 7 साल बाद रायपुर कोर्ट में सुनवाई के लिए आया है 203 नंबर जज भूपेश कुमार बसंत की कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पेश हुए हैं और सीबीआई ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा।
छत्तीसगढ़ में 7 साल पुराना सीडी कांड केस

CD कांड मामले की सुनवाई करीब 7 साल बाद रायपुर कोर्ट में शुरू हुई है। इस मामले में कई बड़े नेता और अधिकारी आरोपी हैं, जिसके चलते यह केस राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। छत्तीसगढ़ में सीडी कांड की शुरूआत साल 2017 में हुई। 27 अक्टूबर 2017 को उस समय के अध्यक्ष रहे भूपेश बघेल के बंगले प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इस पीसी में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक सीडी का वितरण किया। इस बांटी गई सीडी में एक आपत्तिजनक वीडियो था।

इस वीडियो को लेकर भूपेश का दावा था कि महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में उस समय भाजपा सरकार के मंत्री राजेश मूणत ही हैं। यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया में तेजी से वायरल होने लगी थी। इसी बीच कुछ की घंटों के बाद उस समय मंत्री रहे राजेश मूणत ने इस सीडी को पूरी तरह से फर्जी करार दिया। साथ ही इसकी जांच उच्च स्तरीय कमेटी से कराने सीएम डॉ रमन सिंह से मांग की थी। इसी मामले में पुलिस ने उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को अरेस्ट किया। इस मामले में उनके घर से ही वीडियो क्लिप की 500 सीडी और 2 लाख रूपए जब्त किए गए थे। मूल रूप से विनोद वर्मा रायपुर के रहने वाले हैं और जाने माने पत्रकार भी हैं। उस समय वे भूपेश बघेल के साथ रहकर मीडिया सेल का काम देख रहे थे।



