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स्व.विश्वबंधु शर्मा की तृतीय पुण्यतिथि पर शहर वासियों ने नम आंखों से दी कलमकार को श्रद्धांजलि

न्यूज़ दर्शन@जशपुरनगर। जिले के वरिष्ठ और चर्चित पत्रकार स्व.विश्वबंधु शर्मा की तृतीय पुण्यतिथि उनके निवास स्थान जशपुरनगर के तेलीटोली स्थित हनुमान मंदिर में श्रंद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहां उनके परिजनों के साथ शहर के वरिष्ठजनों की उपस्थिति में तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके द्वारा समाज सेवा सहित उन तमाम कार्यों को याद किया गया, जो आज भी जिले में मिशाल बनी हुई है।

लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि तीन वर्ष बाद भी उन्हें ऐसा महसूस होता है कि यह कल की बात हैं.और आज भी स्वर्गीय विश्वबंधु शर्मा हमारे बीच किसी न किसी रूप में मौजूद है।
वरिष्ठ अधिवक्ता और वनप्रेमी रामप्रकाश पांडे ने कहा कि 3 वर्ष बाद आज भी वे अपने जीवंत होने की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि पत्रकार और साहित्यिक विचारों में जीवित होते हैं.श्री शर्मा प्रमुख मानवीय गुणों से ओत-प्रोत थे।उनकी सादगी,शालीनता,समाज के प्रति प्रतिबद्धता एवं ईमानदारी ने लोगों की जीवन शैली बदली है। उनके द्वारा किये गये कार्यों का लोग आज भी अनुशरण करते हैं।

स्व.विश्वबंधु शर्मा वरिष्ठ पत्रकार,एडवोकेट,साहित्यकार,ग्राउंडजीरो ई न्यूज व संवेदना फाउंडेशन के संस्थापक , वरिष्ठ समाजसेवी

उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं एवं कोरोना काल में जिस जिंदादिली के साथ जनसेवा की वो स्मृतियां आज भी शहर वासियों के स्मृति पटल प जीवंत है लोग आज उन्हें याद कर गमगीन हो जाते हैं.

जशपुरनगर के साथ-साथ जिले के सन्ना में ग्राउंडजीरो ई न्यूज के साथियों ने बस स्टैंड पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया.इसके साथ ही अस्पताल में उपचारित मरीजों को फल वितरण कर उन्हें याद किया गया।

उनके अभिन्न मित्रों में शामिल जशपुर निवासी राजेश जैन जो वर्तमान में मनेंद्रगढ़ जिले में शासकीय पद पर कार्यरत है.उन्होंने पुण्यतिथि के अवसर पर ब्लड डोनेट कर स्व.विश्वबंधु को याद किया।

इधर जिले के कोतबा में भी ग्राउंडजीरो ई न्यूज की टीम के सदस्यों ने संगोष्ठी सभा का आयोजन कर उन्हें याद किया गया.उन्हें याद करते हुये उनके मित्र बूटा सिंह आरक्षक पुलिस विभाग ने कहा कि ऐसे लोग विरले ही होते है जो बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते है।उन्होंने कहा कि आज भी उनकी तस्वीरों को देखकर आँखे नम हो जाती है.लेकिन जिंदगी छोटे जीये पर सबसे अच्छी जीये और उनकी गुणगान ने ऐसी सुगन्ध फैलाकर गये कि उनकी स्मृति सबके दिलों में रख गये।

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