
न्यूज़ दर्शन@बलरामपुर। जिले के विकासखंड कुसमी अंतर्गत चांदो क्षेत्र के ग्राम कंदरी में स्थित प्राचीन राम मंदिर में ग्रामीणों ने 1551 दीये जलाकर दीपावली पर नया कृतिमान स्थापित किया। कुछ माह पहले प्रतिष्ठित कथावाचक स्वामी सतानंद जी महाराज के सानिध्य में महायज्ञ संपन्न हुआ है। मंदिर प्रांगण की देखरेख एवं जीर्णोद्धार का कार्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों के द्वारा किया जा रहा है। मंदिर के प्रति क्षेत्र के लोगों का आस्था पहले से ज्यादा देखने को मिल रहा है। श्रीराम मंदिर विकास समिति के मनोनीत अध्यक्ष एच.एस जायसवाल के सहयोग एवं मार्ग दर्शन में दीपावली के दिन शुक्रवार शाम को ग्रामीणों के द्वारा इकट्ठा होकर मंदिर प्रांगण में 1551 दिए जलाकर दीपावली मनाने का रिकॉर्ड कायम किया है। साथ ही मिष्ठान का वितरण किया गया।
प्राचीन राम मंदिर का इतिहास
क्षेत्रीय लोक कहना है यह मंदिर करीब 500 सौ वर्ष पहले राजा महाराजाओं के द्वारा बनाया गया था। राजा की मृत्यु के बाद यह मंदिर वीरान अवस्था में पड़ा हुआ था। वर्षों से का अलग-अलग समय में मंदिर का कायाकल्प हुआ । मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियों की चोरी भी हुई, पुनः मंदिर में मूर्ति स्थापित हुआ। यह मंदिर 7 एकड़ में फैला हुआ है ठाकुरबाड़ी के नाम से 14 एकड़ भूमि रिकॉर्ड में है।

मंदिर को बचाने में हिंदू समाज आया सामने
राम मंदिर में इस समय भक्त प्रतिदिन पहुंच रहे हैं कुछ वर्ष पहले मंदिर में भक्तों का आना जाना बिल्कुल रुक सा गया था 2020 के करीब पुनः भगवान राम सीता और लक्ष्मण जी का मूर्ति स्थापित समिति के सदस्य द्वारा किया गया अब विधिवत पूजा पाठ संपन्न हो रहा है। मंदिर का कपाट सुबह 4:30 बजे खुल जाता है।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से 36 किलोमीटर पर ग्राम पंचायत कंदरी में स्थित है। मंदिर बलरामपुर-कुसमी मुख्य मार्ग से सटा हुआ है। बलरामपुर से करीब आधा घंटा में मंदिर तक पहुंच कर राम जी का दर्शन कर सकते हैं।



