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बलरामपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पुलिस और ग्रामीणों की सतर्कता से मवेशी तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश हुआ है। गणेशमोड़ चौकी क्षेत्र के ग्राम भैंसामुण्डा में रेलवे लाइन के पास से पुलिस ने क्रूरतापूर्वक झारखंड ले जाई जा रही 4 गायों और बछियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चार अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
क्या है पूरा मामला?
घटना 30 मार्च 2026 की रात की है। प्रार्थी रतन डे के माध्यम से अन्य रामजतन यादव,अशोक मिश्रा,बृजेश यादव,मनोज यादव,राजेंद्र पाल ,ओम प्रकाश यादव को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर रेलवे लाइन के रास्ते मवेशियों को क्रूरतापूर्वक पीटते हुए झारखंड के बूचड़खाने ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही ग्रामीण एकजुट हुए और मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। तभी गणेश मोड़ चौकी प्रभारी को इसकी सूचना दी गई मौके पर पुलिस पहुंचकर एक आरोपी को पकड़ा आरोपियों के पास चार नग गए बरामद की गई।

ग्रामीणों को आता देख तस्करों में हड़कंप मच गया। भागने की कोशिश कर रहे तस्करों में से एक, जिसकी पहचान सलीम अंसारी निवासी महाराजगंज के रूप में हुई है, को ग्रामीणों ने दौड़कर पकड़ लिया। वहीं, अन्य आरोपी राजकुमार सोनवानी, लोहाउत, इस्तखार और सारूद्दीन अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकले।
क्रूरता की हदें पार, बाइक भी बरामद
FIR के विवरण के अनुसार, तस्कर गायों को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटते और दौड़ाते हुए ले जा रहे थे। पुलिस ने मौके से एक मोटरसाइकिल (Splendor, नंबर: CG30H6486) भी जब्त की है, जिसका उपयोग तस्करी के लिए किया जा रहा था।
पुलिस की कार्रवाई
बलरामपुर जिले के गणेशमोड़ चौकी पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज किया है।
- FIR नंबर: 0060/2026
- कानूनी धाराएं: पशु क्रूरता और अवैध परिवहन से संबंधित।
पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस सफल कार्रवाई में चौकी प्रभारी ओमप्रकाश पटेल के मार्गदर्शन में प्रधान आरक्षक हेमचरण बारंगे और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



